अभी अभी की बात है

ये अभी-अभी की बात है,
न जाने कभी की बात है !
वह ऐसे मिली थी मुझसे ,
लग रहा है मेरे साथ है !!
कवि दीपक सरल
एक बच्चा जो अपनी माँ से बिछड़ कर कहीं बाहर रह राहा है और वह माँ को याद करते हुए एक कविता इस प्रकार लिखता है और अपना प्यार माँ के प्रति व्यक्...
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