जब कोई दुआ बे असर हो जाती है
हर पुरानी मंजिल ही घर हो जाती है
जब बात हद से बढ़ जाए करीबी की
तो मोहब्बत भी बे असर हो जाती है
कवि दीपक बवेजा
8058086648
एक बच्चा जो अपनी माँ से बिछड़ कर कहीं बाहर रह राहा है और वह माँ को याद करते हुए एक कविता इस प्रकार लिखता है और अपना प्यार माँ के प्रति व्यक्...
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