बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

कोई किसी की याद , हो सकता है

 कोई किसी की याद , हो सकता है

याद ओर फरियाद भी हो सकता है


तुम जिस रस्ते पर आके बैठे गए

वो किसी और का भी हो सकता है


दीपक बवेजा सरल

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