खूबसूरत जिंदगी
है रास्ता खूबसूरत मंजिल का पता नहीं,
आदमी है व्यस्त मगर जिंदगी का पता नहीं ।
मंजिल है खूबसूरत तो रास्ते की परवाह न हो ,
इस तरह क्यों आदमी जिंदगी सम्भारता नहीं ।।
#कवि दीपक सरल
एक बच्चा जो अपनी माँ से बिछड़ कर कहीं बाहर रह राहा है और वह माँ को याद करते हुए एक कविता इस प्रकार लिखता है और अपना प्यार माँ के प्रति व्यक्...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें